Q1.
संयुक्त ब्याज की गणना में समय का क्या महत्व है? (Compound Interest ki ganana mein samay ka kya mahatva hai?)
-
(A)
समय जितना अधिक होगा, संयुक्त ब्याज उतना ही कम होगा
-
(B)
समय जितना अधिक होगा, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
-
(C)
समय का संयुक्त ब्याज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
-
(D)
समय का संयुक्त ब्याज पर उल्टा प्रभाव पड़ता है
Ans: (B) - समय जितना अधिक होगा, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
Q2.
संयुक्त ब्याज की गणना में मूलधन को क्या कहते हैं? (Compound Interest ki ganana mein mooladhan ko kya kehte hain?)
-
(A)
प्रिंसिपल (Principal)
-
(B)
ब्याज (Interest)
-
(C)
समय (Time)
-
(D)
दर (Rate)
Ans: (A) - प्रिंसिपल (Principal)
Q3.
संयुक्त ब्याज की गणना के लिए सूत्र क्या है? (Compound Interest ka sutra kya hai?)
-
(A)
A = P(1 + r/n)^(nt)
-
(B)
A = P(1 - r/n)^(nt)
-
(C)
A = P(1 + r/n)^(n/t)
-
(D)
A = P(1 - r/n)^(n/t)
Ans: (A) - A = P(1 + r/n)^(nt)
Q4.
अंग्रेजी में संयुक्त ब्याज को क्या कहते हैं? (Angrezi mein compound interest ko kya kehte hain?)
-
(A)
Simple Interest
-
(B)
Compound Interest
-
(C)
Fixed Interest
-
(D)
Variable Interest
Ans: (B) - Compound Interest
Q5.
संयुक्त ब्याज की गणना में वार्षिक ब्याज दर का क्या महत्व है? (Compound Interest ki ganana mein varshik byaj dar ka kya mahatva hai?)
-
(A)
वार्षिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही कम होगा
-
(B)
वार्षिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
-
(C)
वार्षिक ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
-
(D)
वार्षिक ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर उल्टा प्रभाव पड़ता है
Ans: (B) - वार्षिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
Q6.
संयुक्त ब्याज की गणना में चक्रवृद्धि ब्याज का क्या अर्थ है? (Compound Interest ki ganana mein chakravridhi byaj ka kya arth hai?)
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(A)
चक्रवृद्धि ब्याज का अर्थ है ब्याज पर ब्याज
-
(B)
चक्रवृद्धि ब्याज का अर्थ है मूलधन पर ब्याज
-
(C)
चक्रवृद्धि ब्याज का अर्थ है समय पर ब्याज
-
(D)
चक्रवृद्धि ब्याज का अर्थ है दर पर ब्याज
Ans: (A) - चक्रवृद्धि ब्याज का अर्थ है ब्याज पर ब्याज
Q7.
संयुक्त ब्याज की गणना में ब्याज दर का क्या महत्व है? (Compound Interest ki ganana mein byaj dar ka kya mahatva hai?)
-
(A)
ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही कम होगा
-
(B)
ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
-
(C)
ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
-
(D)
ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर उल्टा प्रभाव पड़ता है
Ans: (B) - ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
Q8.
संयुक्त ब्याज की गणना में त्रैमासिक ब्याज दर का क्या महत्व है? (Compound Interest ki ganana mein trimasik byaj dar ka kya mahatva hai?)
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(A)
त्रैमासिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही कम होगा
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(B)
त्रैमासिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
-
(C)
त्रैमासिक ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
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(D)
त्रैमासिक ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर उल्टा प्रभाव पड़ता है
Ans: (B) - त्रैमासिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
Q9.
अंगीवीर सेना में संयुक्त ब्याज की गणना का महत्व क्या है? (Angiveer sena mein compound interest ki ganana ka mahatva kya hai?)
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(A)
अंगीवीर सेना में संयुक्त ब्याज की गणना का कोई महत्व नहीं है
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(B)
अंगीवीर सेना में संयुक्त ब्याज की गणना का महत्व है क्योंकि यह आर्थिक निर्णय लेने में मदद करता है
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(C)
अंगीवीर सेना में संयुक्त ब्याज की गणना का महत्व है क्योंकि यह युद्ध रणनीति में मदद करता है
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(D)
अंगीवीर सेना में संयुक्त ब्याज की गणना का महत्व है क्योंकि यह संचार में मदद करता है
Ans: (B) - अंगीवीर सेना में संयुक्त ब्याज की गणना का महत्व है क्योंकि यह आर्थिक निर्णय लेने में मदद करता है
Q10.
संयुक्त ब्याज की गणना में मासिक ब्याज दर का क्या महत्व है? (Compound Interest ki ganana mein maasik byaj dar ka kya mahatva hai?)
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(A)
मासिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही कम होगा
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(B)
मासिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा
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(C)
मासिक ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
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(D)
मासिक ब्याज दर का संयुक्त ब्याज पर उल्टा प्रभाव पड़ता है
Ans: (B) - मासिक ब्याज दर जितनी अधिक होगी, संयुक्त ब्याज उतना ही अधिक होगा