प्रकाश का परावर्तन क्या है?
प्रकाश का परावर्तन वह प्रक्रिया है जिसमें प्रकाश किरणें किसी सतह से टकराकर वापस लौटती हैं। जब प्रकाश किसी सतह पर गिरता है, तो सतह उस प्रकाश को प्रतिबिंबित करती है। यह प्रतिबिंबित प्रकाश हमारे आँखों तक पहुँचता है, जिससे हम वस्तुओं को देख पाते हैं।
परावर्तन का नियम
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समान कोण: परावर्तन के दौरान, आपतन कोण (incident angle) और परावर्तन कोण (reflected angle) समान होते हैं। अर्थात्, जिस कोण पर प्रकाश की किरण सतह से टकराती है, उसी कोण पर वह वापस लौटती है।
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समान तल: आपतन किरण, परावर्तित किरण और अभिलम्ब (normal) एक ही तल में होते हैं।
परावर्तन का उदाहरण
दर्पण में अपना चेहरा देखना परावर्तन का सबसे सामान्य उदाहरण है। जब हम दर्पण के सामने खड़े होते हैं, तो हमारी छवि दर्पण में दिखाई देती है। यह छवि प्रकाश की किरणों के परावर्तन के कारण बनती है, जो हमारे चेहरे से टकराकर दर्पण में परावर्तित होती हैं और हमारी आँखों तक पहुँचती हैं।
परावर्तन के प्रकार
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समतल परावर्तन (Regular Reflection): यह तब होता है जब प्रकाश की किरणें एक समतल और चिकनी सतह से टकराती हैं और समान कोण पर वापस लौटती हैं। इससे एक स्पष्ट छवि बनती है, जैसे दर्पण में।
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असमतल परावर्तन (Diffuse Reflection): यह तब होता है जब प्रकाश की किरणें किसी खुरदरी सतह से टकराती हैं और विभिन्न कोणों पर परावर्तित होती हैं। इससे स्पष्ट छवि नहीं बनती, बल्कि प्रकाश चारों ओर फैल जाता है।